*बहादुरपुर कस्तूरबा विद्यालय से रहस्यमय तरीके से छात्रा गायब , निशाने पर कस्तूरबा प्रशासन व खण्ड शिक्षा अधिकारी*

*बहादुरपुर कस्तूरबा  विद्यालय से रहस्यमय तरीके से छात्रा गायब , निशाने पर कस्तूरबा प्रशासन व खण्ड शिक्षा अधिकारी* 
- कस्तूरबा से ऐसे ही गायब होंगी बच्चियाँ तो मिट जायेगी कस्तूरबा विद्यालय की साख

- गार्ड की तैनाती व सीसी टीवी फुटेज से लैस परिसर से छात्रा के गायब होने से क्षेत्र में हो रही तरह - तरह की चर्चाएं

- तैनाती स्थल पर नहीं रुकते खण्ड शिक्षा अधिकारी , बेसिक शिक्षा अधिकारी की भूमिका पर भी बना प्रश्नचिन्ह

- मीडिया का फोन न रिसीव कर आखिर क्या छिपाने की फिराक में हैं बीएसए , बीईओ व थाना प्रभारी जैसे जिम्मेदार

        बहादुरपुर - बस्ती । बीती 25 - 26 अगस्त की रात जनपद के बहादुरपुर विकास खण्ड में स्थित कस्तूरबा गाँधी आवासीय विद्यालय से रहस्यमय परिस्थितियों में छात्रा के गायब होने से जनपद में भूचाल सा आ गया है परन्तु बेसिक शिक्षा अधिकारी व खण्ड शिक्षा अधिकारी प्रभात कुमार श्रीवास्तव व वार्डेन जैसे जिम्मेदार रात पर फार्मेल्टी अदा कर मौज मनाते रहे व दिनांक 26 अगस्त की शाम तक छात्रा का कोई सुराग नहीं लग सका है ।
       प्राप्त समाचार के अनुसार विकास खण्ड बहादुरपुर का कस्तूरबा आवासीय विद्यालय व ब्लाक संसाधन केन्द्र नगर कप्तानगंज मार्ग पर नगर बाजार में एक ही परिसर में स्थित है । नियमानुसार ब्लाक संसाधन केन्द्र के मुखिया अर्थात् खण्ड शिक्षा अधिकारी प्रभात श्रीवास्तव तथा कस्तूरबा के वार्डेन को तैनाती स्थल पर ही निवास करना चाहिए पर शायद ऐसा नहीं किया जाता है जिसका परिणाम है कि कस्तूरबा विद्यालय से छात्रा रहस्यमय परिस्थितियों में दिनांक 25 - 26 अगस्त की रात गायब हो गयी और चौबीस घंटे बीतने के बाद भी गायब छात्रा का कोई सुराग नहीं लग पाया है । अवस्थापना व सुरक्षा व्यवस्था को लेकर ब्लाक संसाधन केन्द्र बहादुरपुर व कस्तूरबा परिसर पर प्रतिवर्ष लाखों का बजट खारिज होता है पर बजट कहाँ जा रहा है इसकी सुधि लेने वाला कोई नहीं है । कस्तूरबा विद्यालय की जिम्मेदार व वार्डेन नीलम पाण्डेय व ब्लाक के खण्ड शिक्षा अधिकारी प्रभात श्रीवास्तव की लापरवाही मामले में साफ झलक रही है क्योंकि यदि इनके द्वारा अपनी जिम्मेदारियों का सही तरीके से निर्वाहन किया गया होता तो शायद अनहोनी न होती । वैसे भी खण्ड शिक्षा अधिकारी प्रभात कुमार श्रीवास्तव अपनी तैनातियों को लेकर चर्चा में रहते हैं । इनके गोरखपुर जनपद में तैनाती के दौरान इनके विरुद्ध आय से अधिक सम्पत्ति के मामलें में जाँच गतिमान थी और विभाग में कमाऊपूत जैसे उपनाम से जाने जाते है जिसके परिणाम स्वरूप ही इनके पास कप्तानगंज व बहादुरपुर दो - दो ब्लाकों की बागडोर है ।  प्रकरण में और जानकारी लेने के लिए संवाददाता ने बेसिक शिक्षा अधिकारी , वार्डेन कस्तूरबा विद्यालय व थाना प्रभारी नगर बाजार से बात कर जानकारी लेना चाहा तो ये सब मीडिया के तीखे सवालों से बचते नजर आए और फोन रिसीव नहीं किया ।

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