*बिना किसी आदेश के परिवार रजिस्टर ( अभिलेख ) में नाम दर्ज करता है मनबढ़ सचिव पंकज सिंह- सूत्र*
- परिवार रजिस्टर में नाम बढ़ाने व घटाने में दो रोजगार सेवक करते हैं खेल - सूत्र
- जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्रों में अधूरे कागजातों पर प्रमाण पत्र जारी करता है मनबढ़ सचिव पंकज सिंह
- तैनात ग्राम पंचायतों के परिवार रजिस्टर ( अभिलेख ) में बड़े पैमाने पर की गई है हेरा फेरी
*कप्तानगंज बस्ती*- विकासखंड कप्तानगंज में मनबढ़ सचिव पंकज सिंह द्वारा परिवार रजिस्टर (अभिलेख ) में बिना किसी जिम्मेदार अधिकारियों के आदेश के परिवार के सदस्यों का नाम दर्ज करता हैं और बिना किसी आदेश के परिवार रजिस्टर (अभिलेख ) से नाम हटाता है । जिसमें ब्लॉक मुख्यालय पर मनबढ़ सचिव पंकज सिंह के कमरे में मुंशीगिरी कर रहे दो रोजगार सेवक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं ।जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्रों में मन बढ़ सचिव पंकज सिंह के सह पर दोनों रोजगार सेवक आधे-अधूरे कागजातों पर प्रमाण पत्र जारी करते हैं ।
सूत्रों की माने तो मनबढ़ सचिव पंकज सिंह को विकास कार्यों के लिए , सरकारी धन की भुगतान के लिए , जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्रों में आधे - अधूरे कागजातों पर प्रमाण पत्र जारी करने आदि कार्यों में शासनादेश को ताख पर रख कर कार्य करता है । मनबढ़ सचिव व मुंशीगिरी कर रहे दोनों रोजगार सेवक सरकारी अभिलेखों में बड़े पैमाने पर हेरा फेरी करते हैं । यदि मनबढ़ सचिव पंकज सिंह के अधीन ग्राम पंचायतों के परिवार रजिस्टर सहित अन्य सरकारी अभिलेखों की निष्पक्ष जांच हो जाए तो बहुत बड़ा भ्रष्टाचार का पोल खुल सकता है और नये - नये भ्रष्टाचार के तरीकों की परत का खुलासा हो सकता है । एडीओं पंचायत सुशील कुमार श्रीवास्तव भी कान में तेल व आंखों में पट्टी बांध कर पड़े हुए हैं । या तो एडीओ पंचायत की कोई मजबूरी होने के कारण मनबढ़ सचिव पंकज सिंह के खिलाफ कार्रवाई करने से कन्नी काट रहे है या दबंग सचिव होने के कारण पंकज सिंह के सामने घुटने टेक दिए हैं जिसको लेकर जिले में तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं । ब्लाक मुख्यालय को मनबढ़ सचिव पंकज सिंह राम राज्य बना दिया है । जनहित में मनबढ़ सचिव पंकज सिंह के अधीन ग्राम पंचायतों के सरकारी अभिलेखों की जांच आवश्यक है ताकि किसी गरीब / असहाय परिवार के साथ अन्याय न हो । अब देखना यह है कि बड़े पैमाने पर सरकारी अभिलेखों में हेरा फेरी करने वाले मनबढ़ सचिव पंकज सिंह के खिलाफ जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा क्या कार्रवाई की जाती है ?